लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के हित संरक्षण में लॉयन की भूमिका निभायेगा एआइजे – विक्रम जी सेन

यह तस्वीर कुछ कहती है 

 

भारतीय पत्रकार संघ (एआइजे) का दिल्ली राज्य विस्तार : पत्रकार सुरक्षा और एकजुटता के लिए
एक निर्णायक
शंखनाद

एशियन रिपोर्टर डेस्क नई दिल्ली

     पत्रकारिता के गिरते
मूल्यों और फील्ड में काम कर रहे पत्रकारों के समक्ष बढ़ती चुनौतियों के बीच
, भारतीय पत्रकार संघ (एआइजे) ने
देश की राजधानी से एक सशक्त संगठनात्मक संदेश दिया है। उत्तम नगर स्थित
हकीकत आप तक न्यूज़ कार्यालय में आयोजित दिल्ली
प्रदेश की मासिक बैठक महज एक औपचारिक चर्चा नहीं
, बल्कि पत्रकारों के लोकतांत्रिक अधिकारों और सुरक्षा को लेकर एक ठोस
कार्ययोजना की जमीन तैयार करने वाला मंच साबित हुई।

 

     दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष
श्री अवध नारायण की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु
संगठनात्मक संरेखणऔर जवाबदेहीरहा। वरिष्ठ पत्रकारों और विभिन्न
समाचार पत्रों के संपादकों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि पत्रकार अब अपनी
सुरक्षा और मान-सम्मान के मुद्दों पर किसी भी प्रकार के समझौते के पक्ष में नहीं
हैं।

 

प्रमुख विमर्श : केवल पहचान नहीं, सशक्तिकरण
की तलाश

     बैठक के दौरान दिल्ली के सभी 11 जिलों में कार्यकारिणी के विस्तार और
नियमित संवाद पर सहमति बनी। प्रदेश महासचिव आरके राठौर द्वारा संचालित इस सत्र में
पत्रकार एकता को केवल एक नारा न मानकर
, उसे
एक व्यावहारिक सुरक्षा कवच के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

 

बस दहाड़ने की देर है

     बैठक में उपस्थित वरिष्ठ
पत्रकारों
जिनमें रमेश चंद्र द्वेदी, सरदार चरणजीत सिंह (दैनिक रुस्तम ए
हिन्द)
,  मुकेश भोगल (दैनिक समाचार निर्देश) और
दीपक खोसला (नई सोच) प्रमुख थे
सभी ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि
निष्पक्ष पत्रकारिता के मार्ग में आने वाली बाधाओं को केवल एक संगठित ढांचा ही दूर
कर सकता है।

 

राष्ट्रीय फलक पर बढ़ता
प्रभाव

     एआईजे के प्रदेश अध्यक्ष
अवध नारायण ने संगठन के राष्ट्रीय विजन को रेखांकित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय
अध्यक्ष विक्रम सेन के नेतृत्व में यह संगठन अब देश के
22 राज्यों और 600 से अधिक जिलों में अपनी पैठ बना चुका
है। दिल्ली जैसे संवेदनशील और शक्ति के केंद्र में संगठन की सक्रियता का सीधा अर्थ
है
पत्रकारों पर होने वाले किसी भी अन्याय
के विरुद्ध एक राष्ट्रीय स्तर की गूँज पैदा करना।

 

  

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संपन्न यह बैठक
इस तथ्य की पुष्टि करती है कि भारतीय पत्रकार संघ (
एआइजे) अब केवल सदस्यता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को वैचारिक और व्यावहारिक रूप से सुरक्षित करने की दिशा
में अग्रसर है। आने वाले समय में दिल्ली प्रदेश की यह टीम जिला स्तर पर पत्रकारों
की समस्याओं के त्वरित निवारण और उनके हितों के संरक्षण के लिए एक लॉयन की भूमिका
में नजर आ सकती है।

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