ईओडब्ल्यू ने मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी पर कसा शिकंजा

 भोपाल । मध्य प्रदेश में कई अधिकारी-कर्मचारी करोड़ों रुपये के आसामी हैं। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण इकाई (ईओडब्ल्यू) की छापेमार कार्रवाई में यह बात सामने आ रही है। वर्ष 2021-22 में ऐसे तीस अधिकारियों के विरुद्ध अब तक कार्रवाई हो चुकी है। जबलपुर में बुधवार को ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) संतोष पाल के शताब्दीपुरम स्थित घर पर छापा मारा। इसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति का पता चला है। इसके पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग के उच्च श्रेणी लिपिक हीरो केसवानी के भोपाल बैरागढ़ स्थित घर पर छापा मारकर 85 लाख रुपये नकद और करोड़ों रुपये की संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए थे।

ईओडब्ल्यू ने वर्ष 2021 में 12 छापे और 11 रंगे हाथ रिश्वत लेने के मामलों में कार्रवाई की थी। इस वर्ष अभी तक 15 प्रकरण सामने आए हैं। इंदौर इकाई ने आदिम जाति कल्याण विभाग के झाबुआ में पदस्थ प्रबंधक सुनील तलेले पर फर्जी बिल बनाकर पांच करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का प्रकरण पंजीबद्ध किया है। तलेले ने प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र के लिए पलंग, अलमारी, टेबल, कुर्सी आदि कच्ची सामग्री की खरीदी की। कैश बुक और रजिस्टर में खर्चा दिखाकर गबन कर लिया।
इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी सति इमलई के सहायक प्रबंध पन्ना लाल उइके की संपत्ति वैधानिक आय से व्यय 218 प्रतिशत अधिक पाया गया। जांच में आय से अधिक संपत्ति के प्रमाण मिले। जल संसाधन विभाग के तत्कालीन प्रमुख अभियंता राजीव कुमार सुकलीकर सहित अन्य अधिकारियों के विरुद्ध सात सिंचाई परियोजनाओं में निजी कपंनियों को नियम विरुद्ध करोड़ों रुपये के भुगतान करने का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

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