उज्जैन के ‘श्री महाकाल लोक’का नाम बदलकर ‘श्री महाकाल महालोक’किया

उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर परिसर का नवविस्तारित क्षेत्र ‘श्री महाकाल लोक’ अब ‘श्री महाकाल महालोक’ ही कहलाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ये जानकारी अपने ट्वीटर अकाउंट पर साझा की है। लिखा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आशीष, स्नेह हमेशा मध्य प्रदेश के साथ रहा है। जब वे उज्जैन आए थे उन्होंने इस भव्य, दिव्य, अलौकिक स्थान को देखकर विचार व्यक्त किया था कि महाकाल महालोक बहुत अद्भुत है। उनकी भावनाओं के अनुरूप अब नवनिर्मित परिसर श्री महाकाल महालोक ही कहलाएगा’।

मालूम हो कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र के 11 अक्टूबर को हुए लोकार्पण से पहले परिसर के नामकरण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लोगों से सुझाव आमंत्रित किए थे। कई लोगों ने महाकाल पथ, महाकालेश्वर धाम जैसे अनेक नामों का सुझाव दिया था। 27 सितंबर को उज्जैन में पहली बार हुई मध्यप्रदेश केबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने पहला निर्णय महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र का नाम ‘श्री महाकाल लोक’ करने का लिया था। निर्णय के बाद इसी नाम से परिसर की ब्रांडिंग की गई। लोकार्पण समारोह का लाइव प्रसारण 40 देशों में किया गया था। इसका असर यह हुआ कि लोकार्पण समारोह मंग एक लाख से अधिक लोग जुटे और लोकार्पण के बाद परिसर को देखने के लिए भी रोज हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
दीपावली पर एक लाख दीपकों से जगमगाएगा ‘श्री महाकाल महालोक’
ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर का नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक’ इस दीपावली पर एक लाख दीपमालाओं से जगमाएगा। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों द्धारा शाम 6.30 बजे से 7 बजे के बीच एक साथ सारे दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मंदिर प्रशासक संदीपकुमार सोनी ने कहा है कि इस समय दृश्य अद्भुत, अलौकिक देखने लायक होगा।
मालूम हो कि पांच दिन पहले 18 अक्टूबर को उज्जैन आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के लिए बनाई उपसमिति के सदस्यों और आमजन से अपील की थी कि इस साल दीपावली पर श्री महाकाल महालोक में एक दीपक अवश्य जलाएं, ताकि क्षेत्र दीपमालाओं से जगमगा जाएं। इसके पालन में मंदिर समिति ने पहल कर एक लाख दीये प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की है। इसी क्रम में शनिवार को मंदिर प्रशासक ने समिति सदस्यों के साथ बैठक की। श्री महाकाल महालोक को सात सेक्टर में बांटकर दीप प्रज्ज्वलन करने का निर्णय लिया। कहा कि दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी सुबह से ही करें। कतार बद्ध दीप लगाएं। प्रमुख स्थान पर रंगोली सजाएं। काम इस तरह हों कि देखने वाले देखते रह जाएं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles