मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा
है कि छात्रवृत्ति प्राप्त
करने के लिए विद्यार्थियों को
किसी भी तरह की परेशानी न हो।
सभी पात्र छात्रों को
छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ
समय-सीमा में दिया जाए। इसके
लिए पर्याप्त बजट की उपलब्धता
भी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री चौहान आज
निवास पर अनुसूचित जाति,
अनुसूचित जनजाति एवं अन्य
पिछड़ा वर्ग पोस्ट मेट्रिक
छात्रवृत्ति प्रक्रिया के
सरलीकरण एवं पोर्टल की एकरूपता
संबंधी बैठक ले रहे थे। उच्च
शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव,
मुख्य सचिव इकबाल सिंह
बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान सहित
वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सत्र 2022-23 की
छात्रवृत्ति अक्टूबर माह तक दी
जाये। साथ ही पिछले तीन सत्रों
की शेष छात्रवृत्ति का भुगतान
शीघ्रता से करें। उन्होंने कहा
कि अनुसूचित जाति के
विद्यार्थियों को 590 करोड़,
अनुसूचित जनजाति के
विद्यार्थियों को 348 करोड़ एवं
पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों
को 750 करोड़ रूपए की पोस्ट
मेट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान
की जाना है। इसमें भारत सरकार
एवं राज्य शासन की योजनाओं की
राशि शामिल है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि
छात्रवृत्ति प्रक्रिया में
फर्जीवाड़ा न हो एवं पारदर्शिता
बनाये रखने के लिए पोर्टल की
एकरूपता जरूरी है। सभी वर्गों
की छात्रवृत्ति के लिए
स्नातकोत्तर स्तर पर आयु सीमा 30
वर्ष की जाना है। पीएचडी स्तर
की छात्रवृत्ति प्राप्त करने
हेतु अधिकतम आयु 35 वर्ष, दो
पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने
वाले विद्यार्थियों के लिए
अधिकतम 02 वर्ष तक के अंतर को
मान्य किया जाएगा। एक माता-पिता
के सभी पात्र बच्चे पोस्ट
मेट्रिक छात्रवृत्ति प्राप्त
करने के लिए पात्र होंगे।
उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति
की पात्रता के लिए प्रवेश
प्रक्रिया का निर्धारण कर लिया
जाये। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम
में एकीकृत काउंसलिंग से
प्रवेश दिया जाना है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शिक्षण-सत्र
2022-23 की छात्रवृत्ति के भुगतान
के लिए निर्धारित शैक्षणिक
केलेण्डर के अनुसार कार्यवाही
सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य
शासन की प्राथमिकता है कि
विद्यार्थियों को पूरी तरह
सहयोग किया जाए। उन्होंने
निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति की
दरों का युक्तियुक्तकरण किया
जाये। छात्रों की बायोमेट्रिक
उपस्थिति के लिए भी आवश्यक
तैयारी करें।

